मामले की जांच करते हुए ATS ने मुर्तजा के पास से उर्दू में लिखी एक किताब, धारदार हथियार, मोबाइल और लैपटॉप में जिहादी वीडियो बरामद किए थे. ATS ने UAPA के तहत उसे आतंकी घोषित किया था.
गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात पीएसी के जवानों पर हमला करने वाले अभियुक्त अहमद मुर्तजा अब्बासी को NIA कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है, दो दिन पहले ही उसे दोषी साबित किया गया था और सजा पर सुनवाई के लिए सोमवार का दिन तय किया गया था.
मुर्तजा ने 4 अप्रैल 2022 को गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में तैनात सुरक्षा कर्मियों पर बांके से हमला कर दिया था और सुरक्षा कर्मी की राइफल भी छीनने की कोशिश की थी. उसे बचाने पहुंचे दूसरे सुरक्षाकर्मी पर भी धारदार हथियार से हमला कर दिया था. बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था. मामले की जांच ATS को सौंप दी गई थी. मामले की सुनवाई NIA कोर्ट में हुई थी.
कौन है अहमद मुर्तजा अब्बासी
अहमद मुर्तजा अब्बासी गोरखपुर के एक रसूखदार परिवार से ताल्लुख रखता है. उसका परिवार सिविल लाइंस में रहता है. उसने 2015 में IIT बॉम्बे से केमिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की है. इसके बाद उसने दो बड़ी कंपनियों में नौकरी भी की. गोरखनाथ मंदिर में हमले के बाद उसके पकड़े जाने पर घर वालों ने दावा किया था कि 2017 से उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, हालांकि ATS को जो सुबूत मिले थे वे चौंकाने वाले थे. मुर्तजा के पिता मो. मुनीर कई बैंकों और मल्टीनेशनल कंपनियों के लीगल एडवाइजर हैं. इसके अलावा उसके चाचा एक प्रसिद्ध डॉक्टर हैं. मुर्तजा के दादा गोरखपुर के जिला जज भी रह चुके हैं.
मुर्तजा ने किया था जवानों पर हमला
चार अप्रैल 2022 को अहमद मुर्तजा अब्बासी ने गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात पीएसी जवान अनिल कुमार पासवान पर बांके से अचानक हमला कर दिया था. अब्बासी ने उसकी राइफल छीनने की भी कोशिश की थी, जिससे राइफल सड़क पर गिर गई थी, उन्हें बचाने के लिए जब दूसरा जवान आया था तो मुर्तजा ने उस पर भी हमला बोल दिया था.
पुलिस की ओर से दर्ज FIR के मुताबिक हमला करते वक्त मुर्तजा नारा-ए-तकबीर, अल्ला हू अकबर का नारा लगा रहा था. पहले सुरक्षाकर्मियों ने उसके हाथ से बांका छुड़ाया और फिर उसे पकड़ लिया. उसके पास उर्दू भाषा में लिखी एक किताब भी मिली थी. मामले की जांच ATS को सौंपी गई थी.
मुर्तजा ने कबूल किए थे गुनाह
मामले की जांच करते हुए ATS ने मुर्तजा के पास से उर्दू में लिखी एक किताब, धारदार हथियार, मोबाइल और लैपटॉप में जिहादी वीडियो बरामद किए थे. मुर्तजा ने कबूल किया था कि वह हिजाब मामले, सीएए और एनआरसी मामलों को लेकर गुस्से में था, बदला लेने के लिए उसने हमला बोला था. मुर्तजा ने एटीएस के सामने कहा था कि उसने हमला इसलिए किया था ताकि वह मारा जाए, लेकिन वह पकड़ में आ गया. वह जल्द ही कनाडा शिफ्ट होने वाला था.
जांच में ये भी सामने आया था कि मुर्तजा के बैंक खाते से कई बार विदेश में रुपयों का लेनदेन हुआ है. एटीएस ने जब मुर्तजा के कमरे की छानबीन की थी तो 6 बेशकीमती एयरगन मिली थीं. ATS ने उसके कमरे से एक इंटरनेशनल नंबर का सिमकार्ड और एक इंटरनेट डोंगल भी बरामद किया था.
हमले से पहले ही आ गया था ATS की रडार पर
दरअसल मुर्तजा ने गोरखनाथ मंदिर में 4 अप्रैल को हमला किया था, लेकिन ATS की रडार में वह पहले ही आ गया था, घटना से चार दिन पहले 31 मार्च 2022 को खुफिया एजेंसी ने 16 संदिग्धों की जो सूची जारी की थी, उसमें मुर्तजा का नाम भी था. 2 अप्रैल को एटीएस टीम उसके घर भी गई थी, लेकिन वह नेपाल भाग गया था. वहां से लौटकर उसने मंदिर के सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया था.
ATS ने घोषित किया था आतंकी
4 अप्रैल को पुलिस ने पकड़कर उसने रिमांड पर ले लिया था, बाद में ये मामला ATS को सौंप दिया गया था. एटीएस ने मामले की जांच के बाद 16 अप्रैल को UAPA के तहत मुर्तजा को आतंकी घोषित कर दिया था. फिलहाल मुर्तजा के परिवार वाले गोरखपुर स्थित घर छोड़कर कहीं और शिफ्ट हो गए हैं, अब उसके घर पर कोई नहीं है.


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