अखिलेश यादव का निर्देश- रामचरितमानस या अन्य किसी धार्मिक मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं करेगी सपा

 


यूपी में रामचरितमानस विवाद को लेकर अब सपा ने अपने नेताओं के लिए एक निर्देश जारी किया है जिसके तहत किसी भी तरह के धार्मिक और सांप्रदायिक मुद्दों पर हो रही बहस में शामिल न होने के लिए कहा गया है।

लखनऊ - उत्तर प्रदेश में रामचरितमानस को लेकर चल रहे विवाद के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपने नेताओं और पदाधिकारियों से सांप्रदायिक और धार्मिक मुद्दों पर बहस से बचने और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करने को कहा गया है। दरसअल सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य एक निजी चैनल के कार्यक्रम में पहुंचे थे जहां उनकी महंत राजू दास के समथकों से भिडंत हो गई थी। इस मामल के बाद अब अखिलेश यादव ने पार्टी के नेताओं के लिए इस तरह का निर्देश जारी किया है।


सपा ने जारी किया ये निर्देश
पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश का हवाला देते हुए सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि, 'पार्टी के सभी कार्यकर्ता, नेता, पदाधिकारी, प्रवक्ता और मीडिया पैनलिस्ट यह ध्यान रखें कि समाजवादी पार्टी डॉ राम मनोहर लोहिया के आदर्शों से प्रेरणा लेती है और लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद में विश्वास करती है। समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है और पार्टी जातिगत जनगणना (सामाजिक न्याय के लिए) की मांग करती रहेगी।


सांप्रदायिक और धार्मिक मुद्दों से बचने की सलाह
चौधरी ने कहा है कि पार्टी का उद्देश्य सार्वजनिक मुद्दों को उठाना और अपनी विचारधारा और कार्यक्रमों को लोगों के बीच फैलाना है। सत्ता पक्ष लगातार लोगों को बुनियादी मुद्दों से भटकाने के हथकंडे अपना रहा है। हमें इस तरह की रणनीति से बचना होगा। धार्मिक मुद्दे संवेदनशील होते हैं और हमें इनमें नहीं फंसना चाहिए। दरअसल 22 जनवरी को स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा हिंदू महाकाव्य रामचरितमानस के कुछ छंदों को भेदभावपूर्ण और महिलाओं, दलितों और पिछड़ों के प्रति अपमानजनक कहने के बाद यह विवाद शुरू हो गया था।


स्वामी प्रसाद मौर्य ने लगाया निष्क्रियता का आरोप
इस बीच, समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने आरोप लगाया है कि उन्हें धमकी देने वालों के खिलाफ भाजपा सरकार की निष्क्रियता से संकेत मिलता है कि वह उन्हें मरवाना चाहती है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने यह आरोप तब लगाया जब उनके समर्थकों ने बुधवार को एक टेलीविजन समाचार चैनल द्वारा आयोजित एक राजनीतिक सम्मेलन के दौरान लखनऊ के एक होटल में हनुमानगढ़ी मंदिर (अयोध्या) के पुजारी राजू दास के साथ कथित तौर पर हाथापाई की थी।

Post a Comment

Previous Post Next Post