भिवानी कांड में राजस्थान पुलिस विवादों से घिर गई है. आरोप है कि राजस्थान पुलिस ने आरोपी की गर्भवती पत्नी के पेट में लात मार दिया. इससे उसका गर्भ गिर गया. इस मामले में आरोपी की मां ने हरियाणा पुलिस को शिकायत भी दी है. आरोपी की मां ने अपनी शिकायत में बताया कि यह वारदात 17 फरवरी को राजस्थान पुलिस की छापेमारी के दौरान की है. बताया कि 40 से अधिक पुलिसकर्मियों ने जबरन उनके घर में घुसकर छापेमारी की थी. इस दौरान पुलिस ने आरोपी श्रीकांत के बारे में पूछताछ की. वहीं जब उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो पुलिस ने मारपीट की. इस दौरान पुलिस ने श्रीकांत की गर्भवती पत्नी के पेट में लात मार दी.
गौरतलब है कि भिवानी कांड के आरोपियों की तलाश में राजस्थान पुलिस उनके हर संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है. इसी दौरान पुलिस टीम 17 फरवरी को आरोपी श्रीकांत पंडित के घर पहुंची थी. आरोपी श्रीकांत की मां ने कहा कि उनकी बहू नौ महीने की गर्भवती है. इसी महीने उसकी डिलीवरी होनी थी. लेकिन छापेमारी के दौरान पुलिस ने उससे भी मारपीट की और उसकी पेट पर लात मार दिया. मोनू मानेसर के गोरक्षा ग्रुप में श्रीकांत पंडित भी सदस्य है. आरोप है कि इन लोगों ने दो लोगों को जिंदा जला दिया था. नूंह के एसपी वरुण सिंगला के मुताबकि श्रीकांत की मां दुलारी देवी ने शिकायत दी है. इस शिकायत की जांच कराई जा रही है.
क्या है आरोप
एसपी सिंगला के मुताबिक श्रीकांत की मां दुलारी देवी ने अपनी शिकायत में कहा है कि 17 फरवरी को उनके घर छापेमारी करने पहुंची राजस्थान पुलिस ने उनके परिवार वालों से पूछताछ की. लेकिन जब बताया गया कि वह घर में नहीं है तो पुलिस ने मारपीट शुरू कर दी. इसी दौरान पुलिस ने श्रीकांत की गर्भवती पत्नी कमलेश को घसीट दिया और उसके पेट पर लात मार दी. इसके बाद पुलिस उनके दो बेटों विष्णु और राहुल को अपने साथ ले गए. दुलारी के मुताबकि पुलिस अभी घर से निकली भी नहीं थी कि कमलेश के पेट में दर्द शुरू हो गया. उसे तुरंत पास के मंडी खेड़ा स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया . जहां उसने मरे हुए बच्चे को जन्म दिया है.


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