शाहजहांपुर- बाबा विश्वनाथ यात्री निवास में रविवार को मातृ शक्ति सम्मेलन हुआ। विषय था 'राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका'। दोपहर करीब दो बजे से शुरू हुए नारी शक्ति सम्मेलन में मुख्य अतिथि श्री वृंदावन धाम की साध्वी रति दासी ने अपने उद्बोधन से सबको प्रभावित किया। उनका कहना था नारी कल भी शक्ति स्वरूपा थी, आज भी है। बशर्ते, वह अपने पातिव्रत, शक्ति व सच को पहचाने। नारी के बगैर पुरुष की कल्पना भी नहीं कि जा सकती। ये वात्सल्य ही जिसके लिए भगवान को जन्म लेना पड़ता है। आत्मा भी स्त्रीलिंग है यानि शरीर के मूल तत्व में भी नारी है। उन्होंने सती अनुसुइया, बामन अवतार से जुड़े प्रसंग भी सुनाए। कहा, शक्ति को भक्ति से जोड़कर ही सदगति पाई जा सकती है। उन्होंने जब होली को आसन्न देख रसिया सुनाया तो मातृ शक्ति भक्तिवश नृत्य करने लगी।
इससे पहले सुमन पाठक ने काव्य पाठ किया। अन्य वक्ताओं ने भी विचार रखे। डॉ किरण ने संचालन किया। सभी का एकता अग्रवाल नई किया। आभार डॉ संगीता मोहन ने व्यक्त किया। इस अवसर पर सांसद मिथलेश कुमार, लता सेठ, रवि मिश्रा, डॉ रवि मोहन, सुचित सेठ, ऋषि कपूर, दिवाकर मिश्रा, मधु कपूर, सोनल शर्मा, मोनिका मेहरोत्रा, पूनम मेहरोत्रा, ज्योति गुप्ता, नीतू गुप्ता, अनुराधा, रजनी, रचना समेत काफ़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
रिपोर्ट -अजीत मिश्रा शाहजहांपुर



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