बिजुआ खीरी - विकास खण्ड बिजुआ के ग्राम पंचायत रुद्रपुर गुलरिया में लगभग 18 जनवरी को एक अज्ञात ब्लोरो कार ने एक सांड को टक्कर मार दी थी,टक्कर इतनी तेज थी कि भारी भरकम सांड सड़क किनारे जा गिरा, जो काफी दिन से वही पड़ा रहा और भूख प्यास से तड़पता रहा।
गुलरिया के ही निवासी रोज अली व इरशाद अली ने कुछ गन्ने की पत्तियां लाकर उसको डाली,मगर असहनीय दर्द होने की वजह से सांड उसे भी न खा सका,पड़ोस के होटल व्यवसाई गुप्ता जी जो भी शाम को भोजन बच जाता सांड को खिलाते मगर दो चार रोटियों से कहा पेट भरने वाला सांड का।
समाजसेवी अंकित वाजपेयी ने इसकी जानकारी एक पशुचिकित्सक को दी तो वह कुछ दवाई व इंजेक्शन अपने पास से लगा गया, लेकिन कुछ भी अंतर न देख क्षेत्रीय पत्रकारों को सूचना दी जिसमें एक पत्रकार ने इस बात की सूचना खंड विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप को दी उन्होंने भी यह कहते हुए कि मैं जल्द ही इसको दिखवाता हूं अपना पल्ला झाड़ लिया।
जब संवाददाता इस बात की जानकारी पडरिया तुला के पशु डॉक्टर को सूचना देनी चाही तो कई बार फोन की घण्टी बजती रही मगर डॉक्टर साहब ने फोन उठाना भी उचित नही समझते, आखिर आठ दिन से सांड भूखा प्यासा तड़प तड़प कर मृत्यु के गाल में समा गया,ओर जिम्मेदार अब भी नही चेते ओर तीन दिन से उसके मृत शरीर को वही डाले हुए है। सांड के शरीर से दुर्गन्ध भी अब आने लगी,जिससे गम्भीर बीमारियां पनप सकती है।
जिसे न ग्राम प्रधान को यह दिख रही है और न खण्ड विकास अधिकारी को,जहा पर सांड का शव पड़ा है उसी से सटी एक बड़ी फैक्ट्री गन्ने की है जिसमे भी अधिकारियों को यह सब नही दिख पा रहा है।
रिपोर्ट - नागेंद्र प्रताप शुक्ल

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