मामले में एक डीआईजी निलंबित,एक दरोगा हुआ बर्खास्त,लुटेरा दरोगा पर हुई कार्यवाही
इटावा कानपुर पुलिस को एक बार फिर दो दरोगा और एक सिपाही ने शर्मशार किया हैं। कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों ने बीते बुधवार रात हार्डवेयर कारोबारी को डरा धमकाकर 5.30 लाख रुपये लूट लिए। मामले में दोषी पाए गए स्वॉट टीम में तैनात दरोगा यतीश कुमार हेड कांस्टेबल अब्दुल राफे और सचेंडी थाने में तैनात दरोगा रोहित सिंह पर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। यह वही दरोगा यतीश कुमार हैं जिसने सैफई के सुघर सिंह को फर्जी तरीके से गिरफ्तार किया था। सुघर सिंह की शिकायत पर एक दरोगा नागेंद्र यादव को जाँच में दोषी पाये जाने पर पूर्व में ही बर्खास्त किया जा चुका है। बीती 18 मार्च 2020 को सुघर सिंह अपनी कार से पुलिस महानिदेशक लखनऊ से मिलकर लौट रहे थे।
इसी दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी नजीराबाद मनोज रघुवंशी ने मिलने के बहाने सुघर सिंह को कानपुर बुलाया और फर्जी तरीके से गिरफ्तार कर कर दो मुकदमे में साजिश करके फँसा दिया था। इस मामले में दरोगा नागेंद्र यादव व यतीश कुमार भी शामिल था। यतीश गिरफ्तार करने वालों की टीम में व दरोगा नागेंद्र यादव साजिश करने में शामिल था। सुघर सिंह की कई लोगों से मुकदमे बाजी चल रही है। उन्ही मुकदमें के अभियुक्तों ने आईजी मोहित अग्रवाल एसएसपी अनंत देव व सीओ गीतांजलि व थाना नजीराबाद के प्रभारी निरीक्षक मनोज रघुवंशी के साथ मिलकर साजिश रची और बुलाकर फँसा दिया। सुघर सिंह के पास लायसेंसी रिवाल्वर होते हुए 315 बोर के दो कारतूस लगाकर फर्जी साजिश की गई थी।
दरोगा द्वारा कारोबारी से पाँच लाख तीस हजार की लूट करने व मारपीट के मामले में मुकदमा दर्ज करने व दरोगा के निलंबन की कार्यवाही से सुघर सिंह व उनके परिवार खुशी का माहौल है। सुघर सिंह ने बताया कि बीती 18 मार्च को कानपुर में पुलिस की साजिश ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया था न्याय के लिए लगातार तीन साल से भटक रहा था लेकिन नीचे बालों ने न्याय नहीं दिया और ऊपर बाले ने न्याय दिया और दो आरोपी दरोगा को सजा मिल चुकी है। अब सीओ मनोज रघुवंशी उपनिरीक्षक महेंद्र सिंह व प्रदीप सिपाही बचे है भगवान इन्हें भी जल्द सजा देगा। पंडोखर सरकार ने दिलाया न्याय और अपराधियों को सजा।
सुघर सिंह ने बताया कि दो फर्जी मुकदमे लगाने व मुकदमे लगाने वालों को सजा का एलान पंडोखर दरबार में पूज्यजीय गुरुदेव द्वारा दो साल पहले ही कह दिया था। उन्होंने मिलने के दौरान साफ कह दिया था कि आप पर दो फर्जी मुकदमे लगाये गये है जिन्होंने मुकदमे लगाए है उन पर कार्यवाही होगी उनको सजा जरूर मिलेंगी। डीआईजी अनंत देव तिवारी भी निलंबित हो चुके है। सुघर सिंह ने कहा कि वह लगातार पंडोखर दरबार में जा रहे है और पंडोखर धाम के पीठाधीश्वर पं० गुरुशरण शर्मा त्रिकालदर्शी की शरण में है। पंडोखर की कृपा से तीन विरोधियों को सजा मिल चुकी है।
रिपोर्ट - अजीत मिश्रा शाहजहांपुर


Post a Comment