लखनऊ विश्वविद्यालय के पीएचडी रेगुलर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की अन्तिम तिथि बढ़ी
लखनऊ विश्वविद्यालय के पीएचडी रेगुलर फार्म की तिथि फिर बड़ा दी गई। वहीं विवि प्रशासन के अनुसार, विद्यार्थी आवेदन फार्म मोबाइल के माध्यम से भी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर या लखनऊ विश्वविद्यालय का एप डाउनलोड करके भी भर सकते हैं। ऑनलाइन फॉर्म के लिए जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के विद्यार्थियों को 2000 रुपए और एससीएसटी एवं दिव्यांग (पीएच) वर्ग के विद्यार्थी को एक हजार रुपए शुक्ल जमा करना होगा।
आपको बता दे कि, फार्म भरने के पूर्व विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर एकेडमिक फोल्डर के अंतर्गत एकेडमिक प्रोग्राम के पेज पर लगा रिवाइज पीएचडी आर्डिनेंस-2020 अवश्य पढ़ें। अभ्यर्थी फोटो की स्कैन काॅपी 50 केबी के अंदर हो, हस्ताक्षर की स्कैन काॅपी 50 केबी के अंदर हो। यदि किसी आरक्षण का लाभ लेना है तो, उसके प्रमाणपत्र की स्कैन काॅपी 50 केबी के अंतर्गत हो। इसके अलावा अभ्यर्थियों को यह सलाह दी जाती है कि, प्रवेश फार्म की फीस ऑनलाइन जमा करने के बाद 72 घंटे के पहले दोबारा फीस न जमा करें। साथ ही किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर हेल्पलाइन न0.0522-4150500 पर सुबह 10 से शाम 6 तक संपर्क करें। आपको ये भी बता दे कि, लखनऊ विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सेवानिवृत शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से आए पत्र के निर्देश पर लखनऊ विश्वविद्यालय में पांच सदस्यीय समिति गठित करने का आदेश मंगलवार को विश्वविद्यालय के कुलसचिव संजय मेधावी ने जारी कर दिया है।
वहीं इस समिति की अध्यक्षता लखनऊ विश्वविद्यालय से सेवानिवृत व पूर्व कुलपति प्रो० बलराज चौहान करेंगे, जबकि सदस्य के रूप में वाणिज्य विभाग के संकायाध्यक्ष प्रो० आर के महेश्वरी, मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के सेवानिवृत प्रो० आरूप चक्रवर्ती, पूर्वोत्तर पवर्तीय विश्वविद्यालय, शिलांग के सेवानिवृत प्रो० प्रमोद टंडन और समाज कार्य विभाग के प्रो० आर के सिंह शामिल है। आपको बता दे कि, लखनऊ लविवि के पीएचडी रेगुलर (सत्र 2022-23) के ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की अन्तिम तिथि फिर बढ़ा दी है। अब विद्यार्थी 7 फरवरी तक आवेदन फार्म भर सकते हैं। विद्यार्थी लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर एडमिशन पेज में पीएचडी एडमिशन पर जाकर प्रवेश सम्बन्धित सभी सूचनाएं हासिल कर सकते हैं।
रिपोर्ट- समीर खान

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