बरवर खीरी - बरवर तथा आस-पास के गांवो में भारत गैस एवं एचपी गैस के हजारों ग्राहकों से बिना सिलेंडर डिलीवरी के वसूला जा रहा डिलीवरी का पैसा।
जहां सरकार शासन-प्रशासन भ्रष्टाचार मिटाने के लिए, नागरिकों को जागरूक करने के लिए अनेक तरीकों से प्रचार-प्रसार करते रहते हैं तो वहीं भ्रष्टाचार कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बरवर तथा क्षेत्र के गांवों में भारत गैस एवं एचपी गैस के हजारों नौकरी पेशा, दुकानदार तथा बाहर काम करने वाले ऐसे ग्राहक हैं, जो चाहते हैं कि गैस एजेंसी होम डिलीवरी की सुविधा के तहत उनके घर तक सिलेंडर पहुंचाएं।
लेकिन गैस एजेंसियो के द्वारा ग्राहकों से पूरा मूल्य 1080 रुपये वसूला जाता है। जबकि गैस सिलेंडर का वास्तविक मूल्य 1079 रुपये है। गैस एजेंसियों द्वारा पूरे 1080 रुपये वसूलने के बाद भी घर तक सिलेंडर नहीं पहुंचाया जाता है। ग्राहकों को खुद अपने आप गैस सिलेंडर लेने जाना पड़ता है। जबकि शहरी क्षेत्र में 5 किलोमीटर तक के दायरे में गैस एजेंसी को अपने ग्राहकों के घर तक गैस सिलेंडर रिफिलिंग कराकर पहुंचाने का नियम है। जिसके तहत होम डिलीवरी के लिए 19 रुपये 50 पैसे चार्ज भी लिया जाता है। लेकिन गैस एजेंसियां होम डिलीवरी की सुविधा नहीं देने के बावजूद भी ग्राहकों से पूरा मूल्य वसूल रही हैं।
ग्राहकों से एजेंसी पर जाकर सिलेंडर लेने पर भी यह चार्ज वसूला जा रहा है। होम डिलीवरी के नाम पर जो पैसे वसूले जाते हैं वह वापस भी नहीं किये जाते हैं। और ना ही ग्राहकों को इसके बारे में जानकारी दी जाती हैं। यदि कोई ग्राहक अपने घर तक सिलेंडर पहुंचाने की डिमांड भी करता है। तब भी उसके घर तक सिलेंडर नहीं पहुंचाया जाता। मोहम्मदी की शक्ति गैस एजेंसी के द्वारा ग्राहकों से जांच तथा बीमा आदि के नाम पर भी रुपए वसूले जाते हैं।
ग्राहकों के घर में लीकेज आदि की समस्याएं भी आती हैं और कभी-कभी हादसा भी हो जाता है। लेकिन एजेंसी द्वारा बीमा तथा जांच के रुपए वसूलने के बाद भी एजेंसी की तरफ से कोई भी कर्मचारी घर में जांच करने के लिए नहीं आता।
भ्रष्टाचार का यह खेल छोटे-छोटे कस्बों तथा ग्रामीण क्षेत्र में बहुत जोरों से चल रहा है। लेकिन ग्राहकों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए उच्चाधिकारी भी कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।
रिपोर्ट - नागेंद्र प्रताप शुक्ल

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