- कैंची धाम से ज़्यादा प्राचीन है 'काकड़ी घाट'
- संत सोमवार गिरी के रुद्र अवतार को स्वीकारता है ये स्थान
- स्वामी विवेकानंद ने प्राचीन पेड़ के नीचे लगाया था ध्यान
- विदेशी सैलानी के साथ विराट-अनुष्का आते हैं यहां
काकड़ी घाट/अल्मोड़ा- एक बार भी कैंची धाम जाने का अवसर मिला, लेकिन इस बार नया अनुभव व देव स्थान देखने-समझने नक सौभाग्य प्राप्त हुआ। साथ आए मित्रों ने यहां से लगभग 18 किमी दूर एक आध्यात्मिक स्थल और बताया..नाम है, .काकड़ी घाट। अल्मोड़ा के खेरना कस्बे के आगे ये आध्यात्मिक घाट है...जो मौजूदा समय अल्मोड़ा जिले के कंडार कुंआ ग्राम नॉगाव इलाके में आता है। हम जब वहां पहुँचे तो वाकई ये स्थल तपोभूमि सरीखा लगा।
यहां विचरण किया तो पाया कि कोसी नदी की शांत धारा के पास ही है ये सुरम्य काकड़ी घाट है। करीब साढ़े पांच सौ साल प्राचीन वृक्ष के नीचे शिवलिंग मंदिर है। वहीं जड़ के सानिध्य प्राचीन शिवलिंग के साथ ध्यान कुटी... पता किया तो बताया गया कि सदी पूर्व के संत सोमवार गिरी की परंपरा के तीन संत गुरु हर्षदेव पुरी, जंगल बाबा व गुदड़ी महाराज की समाधि भी यहां बनी हैं। ख्यातिलब्ध संत सोमवार गिरि की विराजमान गति 1919 तक ही मिलती है। इसके बाद इस तपस्थल पर अनेक संत उपासना करते आए हैं। सुनने को मिला कि यहां स्वामी विवेकानंद भी आए थे। प्राचीन वृक्ष के नीचे जब वह ध्यान मग्न हुए तो उनको असीम ऊर्जा मिली। इस अनुभव को उन्होंने समकालीन संतों से भी साझा किया था।
बताया जाता है कि संत सोमवार गिरि ने यहां किसी भी प्रकार की जीव हत्या पर प्रतिबंध लगा रखा था। कोसी नदी में मछली को मारने पर भी प्रतिबंध था। उस दौर के ब्रिटिश हुक्मरान भी संत महाराज का बड़ा आदर करते थे। आश्रम परिसर में उस वक्त महिलाओं के आने पर भी आपत्ति थी....लेकिन जब देश आजाद हुआ तो ये तपस्थल जन सामान्य की नज़र से ओझल सा होता गया। सन 1960 के आसपास नीब करोरी बाबा ने जब इस स्थल पर आना-जाना शुरू किया तो उनको यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा के बारे में ज्ञान हुआ। वह कैंची धाम के बाद यहां भी ध्यान के लिए आने लगे। वर्ष 1965 में बाबा ने यहां हनुमान जी के विग्रह को स्थापित कराया... तब से इस घाट की ख्याति बढ़ने लगी। बाबा का महाप्रयाण होने के बाद उनकी काले पत्थर की छोटी सी प्रतिमा यहां प्रतिष्ठित की गई। इसके बाद से ही इस घाट की पूरी देखरेख कैंची धाम ट्रस्ट के पास आ गई है। अब ये ट्रस्ट ही इसकी देखभाल कर रहा है।
शांत सुरम्य स्थल से कुछ दूर पर बहती कोसी नदी यहां की अलौकिक छटा को और बढ़ा देती है। अब तो तमाम विदेशी यात्री इस पवित्र स्थान को देखने आते हैं। हम जब वहां पहुँचे तो अमेरिका के तीन यात्री मिले... वो बाबा की महिमा सुनकर ही यहां पहुँचे थे। सेलिब्रिटी में विराट कोहली व अभिनेत्री अनुष्का शर्मा भी यहां दर्शन करने आ चुकी हैं। चूंकि अब ये स्थान नीब करोरी बाबा आश्रम ट्रस्ट के पास है...तो प्रभुत्व भी उनका है। बाबा सोमवार गिरि के बारे में आगंतुक कम ही जानते हैं। सब इसको बाबा की ही ब्रांच मानते हैं। वैसे यहां जो विशाल पेड़ है ...वही इस स्थान के पुरातन वैभव की कहानी बयां कर देता है।
अजीत मिश्रा शाहजहांपुर



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