यूपी विधानसभा के बजट सत्र से पहले समाजवादी पार्टी के विधायकों के प्रदर्शन के दौरान हुई मीडियाकर्मियों के साथ बदसलूकी पर वहां मौजूद दो फोटोग्राफरों ने यूपी तक से अपनी आपबीती सुनाई है. उन्होंने कहा कि इस तरीके का रवैया ठीक नहीं और कभी भी मीडियाकर्मियों को कवरेज से नहीं रोका गया.
इंडियन एक्सप्रेस के सीनियर फोटोग्राफर विशाल श्रीवास्तव ने कहा कि बिना किसी बात के मार्शलों ने पत्रकारों के साथ बदसलूकी की. ना सिर्फ उन्हें रोका गया, बल्कि उनके साथ मारपीट, धक्का-मुक्की और गलत व्यवहार कर वहां से धकेल के बाहर किया गया. इसका शिकार वह भी हुए हैं.
विशाल के मुंह पर चोटे हैं और उन्होंने कहा कि इस तरीके का सलूक कभी भी सत्र के दौरान नहीं किया जाता है. एक व्यवस्था होती है जिसके तहत सभी पत्रकारों को कवरेज करना होता है.
वहीं, दूसरे फोटोग्राफर सूरज कुमार ने कहा कि सभी फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर अपनी जगह पर थे, लेकिन समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन के बाद ही सभी को बाहर कर दिया गया और उसी में धक्का-मुक्की और मार्शलों की तरफ से हाथापाई की गई.
फोटोग्राफर विशाल ने कहा कि इस मामले पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को कार्रवाई करना चाहिए, जो हमेशा से इस तरीके के मामलों को संजीदगी से लेते हैं. कभी नहीं देखा गया है कि पत्रकारों के साथ इस तरीके का व्यवहार किया गया हो.
विधानसभा सत्र की करवेज करने आए मीडियाकर्मियों के साथ मार्शलों द्वारा अभद्रता और मारपीट मामले को लेकर समाजवादी पार्टी ने भी ट्वीट किया है. सपा ने ट्वीट किया, “लखनऊ विधानसभा में आज से प्रारंभ हो रहे यूपी बजट सत्र की कवरेज करने आए मीडियाकर्मियों के साथ सुरक्षा कर्मियों द्वारा अभद्रता व मारपीट की घटना, निंदनीय एवं शर्मनाक. यह घटना लोकतंत्र पर एक बदनुमा दाग है. दोषी सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ तत्काल कठोरतम कार्रवाई की जाए.”


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