प्लान अतीक का, टारगेट बेटे का! 10 दिन में तय हुआ कहां और कैसे होगा शूटआउट


 

प्रयागराज न्यूज: उमेश पाल हत्याकांड का पुलिस ने लगभग खुलासा कर दिया है. पुलिस ने तीनों शूटर गिरफ्तार कर लिए हैं. वहीं वारदात में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश जारी है. पुलिस इस मामले में आज प्रेस कांफ्रेंस कर सकती है.


प्रयागराज: उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम देने वाले तीनों शूटर की पुलिस ने पहचान कर ली है. पुलिस ने इन तीनों शूटर का स्कैच जारी कर दिया है. इनमें अतीक का बड़ा बेटा असद शामिल है. वहीं उसके दो साथी अरमान, गुड्डू के भी स्कैच जारी किए गए हैं. सीसीटीवी फुटेज में गुड्डू झोले से बम निकालकर फेंकते नजर आ रहा है. जबकि अरमान पिस्टल से फायरिंग कर रहा है. इसी क्रम में पुलिस ने वारदात में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहे अन्य लोगों को भी पहचान कर ली है.


वारदात की साजिश में शामिल लोगों में पहला नाम जेल में बंद माफिया डॉन अतीक अहमद का है. वहीं अन्य में उसका छोटा बेटा, भाई अरशद समेत करीब एक दर्जन लोग शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक इस वारदात को अंजाम देने के लिए कोई लंबी चौड़ी प्लानिंग नहीं हुई. बल्कि दस दिन पहले ही अतीक अहमद ने अपने बड़े बेटे को अशद को इसकी जिम्मेदारी दी थी. साथ ही वारदात में मदद करने वालों के नाम भी खुद अतीक ने सुझाए थे. अतीक ने इन्हें चेताया भी था कि किसी हाल में यह वारदात सटीक होनी चाहिए. इसके लिए पेशेवर लोगों से उमेश की रैकी कराई गई.


दस दिन में फाइनल हुई वारदात की जगह

पुलिस सूत्रों के मुताबिक बदमाश दस दिन से उमेश की रैकी कर रहे थे. पहले उमेश की हत्या कोर्ट के बाहर ही करने का प्लान था, लेकिन वहां पुलिस की मुस्तैदी की वजह से उसे कैंसिल किया गया. इसके बाद कई और लोकेशन पर वारदात की योजना बनी, आखिर में तय किया गया कि उमेश के घर के बाहर जैसी सुरक्षित जगह कोई और नहीं हो सकती. चूंकि अतीक फुल प्रूफ योजना चाह रहा था. इसलिए योजना की जानकारी उसे दी गई. वहीं उसकी रजामंदी के बाद वारदात को अंजाम दिया गया.


एक दर्जन बदमाश थे मौके पर

सीसीटीवी में भले ही तीन शूटर ही उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम देते नजर आ रहे हैं, लेकिन मौके पर बदमाशों की संख्या एक दर्जन के आसपास थी. योजना के मुताबिक सीसीटीवी में नजर आ रहे तीन शूटर यदि फेल होते तो प्लान बी के तहत दूसरे लोग आकर मोर्चा संभाल लेते. पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिन शूटर ने वारदात को अंजाम दिया था, वह तो बाइक से आए थे, लेकिन गली के मोड़ के पास खड़ी एक क्रेटा और एक बाइक पर भी आठ से दस संदिग्ध लोग मौजूद थे. ये सभी संदिग्ध भी सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं. हालांकि पुलिस अभी सीधे तौर पर इनके नाम का खुलासा नहीं कर रही.


पूरी रात चली कांबिंग

अपराधियों की धर पकड़ के लिए शनिवार को पूरी रात पुलिस की कांबिंग जारी रही. पुलिस की टीमों ने प्रयागराज के एक दर्जन लोकेशन के अलावा बरेली में दो, जौनपुर प्रतापगढ़ में एक ठिकाने समेत कई अन्य स्थानों पर दबिश देने पहुंची. एक स्थान पर हुई दबिश में खुद प्रदेश के एडीजी एलओ प्रशांत कुमार और प्रयागराज कमिश्नर रमित शर्मा भी शामिल हुए. पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस कार्रवाई में दो दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है. बताया जा रहा है कि इनमें ज्यादातर अपराधियों के परिजन हैं.

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