बरेली: KCMT कैम्पस-2 में एम.एड प्रशिक्षुओं के द्वारा किया गया बीएड छात्रों की कार्यशाला का आयोजन


खबर जनपद बरेली से KCMT कैम्पस-2 में एम.एड प्रशिक्षुओं के द्वारा किया गया, बी.एड.छात्र-छात्रों की कार्यशाला का आयोजन

आपको बताते चलें बरेली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर स्थित पी॰जी॰आई॰ऑफ़ मैनजमेंट (KCMT कैंपस-2) में बरेली कॉलेज,बरेली से आए M.Ed विभाग के प्रशिक्षुओं ने अपनी टीम्स बनाकर बी.एड. के छात्र छात्रों के लिए आज 'शिक्षकों का व्यक्तित्व विकास' शीर्षक के अंतर्गत एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

 जिसमें प्रशिक्षुओं की प्रथम टीम की सदस्य गीतांजलि , रजनी , शालिनी और उन्नति शामिल थी ।इन्होंने कार्यशाला के माध्यम से  बीo एडo प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्रों को बताया कि एक अध्यापक में कौन-कौन से गुण होने चाहिए जिनसे वह छात्रों को योग्य नागरिक बनने के लिए प्रेरित कर सके। 

कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञान की देवी माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया गया। टीम की सदस्य गीतांजलि ने सर्वप्रथम एक योग्य अध्यापक के गुणों के बारे में बताते हुए कहा कि एक अध्यापक को आदर्शवादी होना चाहिए तथा उसका पहनावा , उसका कक्षा में खड़े होने का तरीका , बात करने का तरीका तथा अपने विषय पर उसकी पकड़ उत्तम होनी चाहिए।टीम की सदस्य रजनी ने अध्यापक के गुणों के बारे में बताते हुए कहा कि एक अच्छे अध्यापक की आवाज कक्षानुसार होनी चाहिए , उसमें आत्मविश्वास होना चाहिए तथा एक अच्छा वक्ता भी होना चाहिए । इसी के साथ ही टीम के सदस्य शालिनी ने स्पष्ट किया कि एक अध्यापक को छात्रों के बीच भेदभाव नहीं करना चाहिए तथा छात्रों को आगे बढ़ने के लिए सदैव प्रोत्साहित करने वाला होना चाहिए।

टीम की सदस्य उन्नति ने भी शिक्षक के व्यक्तित्व विशेषताओं का उल्लेख करते हुए छात्रों को भविष्य में एक अच्छा शिक्षक बनने हेतु प्रेरित किया ।  इसके पश्चात टीम ने छात्रों के लिए कुछ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जिसमें बी.एड विभाग के छात्रों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया तथा प्रतियोगिता के महत्व को भी समझाया कार्यशाला के प्रस्तुतिकरण के पश्चात B.Ed विभाग की विभागाध्यक्ष तथा महाविद्यालय की प्रचार्या डॉ॰ प्रवीण रस्तोगी ने बताया कि कैसे एक आदर्श अध्यापक अपने चरित्र के बल पर पूरे समाज का कायाकल्प कर सकता है , तथा यह बताया कि शिक्षक राष्ट्र का निर्माता होने के साथ-साथ एक ऐसा आईना होता है जो समाज को उसका चरित्र दिखाता है जिसे देखकर छात्र अपने व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं कार्यक्रम के समापन के अंत मे प्राची पाठक ने आय हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया एवं विभाग के समस्त शिक्षक तथा छात्र उपस्थित रहे।

बरेली से ब्यूरो चीफ आचार्य संजीव कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

Post a Comment

أحدث أقدم