UP Board Exam 2023: यूपी बोर्ड में नकल पर लगेगी लगाम, CM योगी ने दिए निर्देश नकल माफियाओं पर लगेगा NSA


दुनिया का सबसे बड़े बोर्ड एग्जाम में नकल रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. एग्जाम में नकल रोकने के लिए 58 लाख बच्चों पर कैमरे की निगाह होगी. इसके बाद भी नकल हुई या पेपर लीक हुआ तो NSA (नेशनल सिक्यूरिटी एक्ट) लगेगा. यूपी का बोर्ड एग्जाम 16 फरवरी से आरंभ हो रहा है. दसवीं और 12 वीं दोनों को मिलाकर 16 दिन की परीक्षा होगी. इस बार नकल किसी भी हालत में मुमकिन नहीं होगी. यूपी के सभी जिले और उसमें बने 87 हजार सेंटर कैमरे से लैस होंगे. किसी बोर्ड एग्जाम के कंट्रोल रूम से अधिक ये किसी वॉर रूम का हिस्सा होंगे. तस्वीरें और व्यवस्था से आप खुद इस बात का एहसास करेंगे कि सरकार ने नकल को रोकने के लिए बड़े कदम उठाए हैं. 

एक सेंटर का उदाहरण लिया जाए तो राजकीय कन्या विद्यालय शाहनजफ रोड, यहां प्रिंसिपल रीता टंडन ने बताया कि कल से परीक्षाएं आरंभ होगी. सभी स्टाफ को हिदायत दी गई है कि बिना किसी तरह के तनाव के बच्चों को परीक्षा देने का अवसर मिले. साथ ही नकल पर रोक लगे. उन्होंने कहा कि इस बार बार्ड परीक्षा का बदला स्वरूप होगा. कोशिश रहेगी नकल पर लगाम लगे. 

 सीएम योगी का बड़ा निर्देश, नकल की तो लगेगा NSA
गौरतलब है कि प्रदेश में 16 फरवरी से 4 मार्च तक यूपी बोर्ड की परीक्षाएं चलेंगी. CM योगी ने उच्चस्तरीय बैठक में परीक्षाओं को नकल मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए दिए कड़े निर्देश दिए हैं. पहली बार सीएम ने नकल करने पर पकड़े जाने पर NSA के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इस बार बोर्ड में 58 लाख 85 हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. इस बार यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए 58 लाख 85 हजार 745 परीक्षार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. हाई स्कूल के 31 लाख 16 हजार 487 परीक्षार्थी शामिल हैं. वहीं इंटरमीडिएट के 27 लाख 69 हजार 258 परीक्षार्थी हैं. परीक्षाओं के लिए प्रदेश में 8 हजार सात सौ 53 परीक्षा केंद्र तैयार किए गए हैं. इसमें से 540 राजकीय, 3523 सवित्त और 4690 वित्तविहीन कॉलेज हैं.

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