अमृत काल में 'अमृत' नालियों में बह रहा, करोड़ों ख़र्च कर बना दी टंकियां, कनेक्शन बगैर टोंटी के कर दिए



शाहजहांपुर - जल ही जीवन है...कलयुग का अमृत पीने का पानी है...जल बिन सब सून.. एक दिन पानी के लिए विश्व युद्ध होगा... आदि बातें यदाकदा बड़े लोगों से सुनने को मिलती हैं। प्रधान सेवक भी घर-घर जल पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध दिख रहे हैं। वो हर भाषण में पानी का जिक्र कर बूंद बूंद बचाने की बात भी करते हैं, लेकिन कड़वी हकीकत ये भी है कि बगैर जरूरत पानी की टंकियां बना दी गईं हैं... जहां पानी की बर्बादी हो रही है।

जिन बस्तियों में पानी की किल्लत है...वहां पानी पहुँचे अच्छी बात है, पर जहां पहले से ही घरों में सबमर्सिबल हैं, हैंडपम्प हैं... वहां सरकारी कनेक्शन देना कितना मुनासिब है। इसकी बानगी आज ही देखने को मिली चौक इलाके में नए खुले कनेक्शन से पानी नालियों में बह रहा था। बगैर टोंटी के कनेक्शन लगे होने से पानी बर्बाद हो रहा है। कोई देखने सुनने वाला नहीं। शहर में नई पानी की इतनी टंकियों का निर्माण हो गया है कि पानी की बर्बादी तय है। इसका प्रमाण गलियों में मिलना शुरू हो गया है। नगर निगम, जल निगम के अधिकारियों को इतनी फुरसत नहीं कि वो बर्बादी को रोकें...निगम को ये तय करना होगा कि जहां पानी बर्बाद होता मिले उसके समुचित प्रबंधन हो।

रिपोर्ट - अजीत मिश्रा शाहजहांपुर

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